मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब और भी भयावह होती जा रही है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य एक्शन लेते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास 5000 पाउंड के घातक बम गिराए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी US CENTCOM के मुताबिक, यह हमला ईरान की उन मिसाइल साइट्स पर किया गया, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के लिए खतरा बन रही थीं।

बताया जा रहा है कि इन साइट्स से एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता था। ऐसे में अमेरिका ने अकेले ही इस रणनीतिक मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।
वहीं दूसरी ओर, इज़रायल ने भी ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं। इज़रायली रक्षा मंत्री Israel Katz ने दावा किया है कि इज़रायल ने ईरान के दो बड़े सुरक्षा अधिकारियों Ali Larijani और जनरल Gholam Reza Soleimani को मार गिराया है। इन दोनों की मौत को ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद ईरान पूरी तरह भड़क गया है। ईरान ने इज़रायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। तेल अवीव समेत कई शहरों को निशाना बनाया गया है, जिससे भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।
इसके अलावा, इराक की राजधानी बगदाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमला किया गया, जिसमें एंबेसी की एक इमारत में आग लग गई।
बढ़ते तनाव के बीच NATO ने इस युद्ध में सीधे शामिल होने से इनकार कर दिया है, जिससे अमेरिका की रणनीति और आक्रामक होती दिख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर वैश्विक तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस बढ़ते टकराव पर टिकी हुई हैं।