Home देश“पोथी-पुराणों से मिले संस्कारों को नकारना कैसा प्रगतिवाद?” आचार्य तुषार भोसले का रुपाली चाकणकर पर तीखा हमला

“पोथी-पुराणों से मिले संस्कारों को नकारना कैसा प्रगतिवाद?” आचार्य तुषार भोसले का रुपाली चाकणकर पर तीखा हमला

by Suhani Sharma
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महाराष्ट्र की राजनीति में पोथी-पुराण और हिंदू परंपराओं को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी आध्यात्मिक आघाड़ी के प्रमुख आचार्य तुषार भोसले ने एनसीपी नेता रुपाली चाकणकर पर तीखा हमला बोला है।
आचार्य तुषार भोसले ने कहा कि पोथी-पुराणों में निहित विचारों और मूल्यों ने हजारों वर्षों से हिंदू समाज को नैतिकता, सत्य और सदाचार का मार्ग दिखाया है। इन ग्रंथों के जरिए समाज में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण हुआ और हमारी माताओं-बहनों ने इन्हें संजोकर समाज को एकजुट बनाए रखा।
भोसले ने सवाल उठाते हुए कहा कि इन परंपराओं को ‘समाज को बांधने वाली’ बताना हिंदू संस्कृति का अपमान है। उन्होंने कहा कि समाज में न्याय और अधिकारों के लिए संविधान जरूरी है, लेकिन समाज की नैतिकता और मूल्यों को मजबूत करने में धर्मग्रंथों की भी अहम भूमिका है।


बीजेपी नेता ने साफ शब्दों में कहा कि पोथी-पुराणों से मिलने वाले संस्कारों को नकारना किसी भी तरह का प्रगतिवाद नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदुओं के पवित्र ग्रंथों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर धर्म, परंपरा और प्रगतिवाद को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

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