Home दुनियाभारत से साझा समुद्री डेटा का इस्तेमाल कर अमेरिका ने डुबोया ईरानी वॉरशिप IRIS-डेना? एक्सपर्ट ने उठाए गंभीर सवाल

भारत से साझा समुद्री डेटा का इस्तेमाल कर अमेरिका ने डुबोया ईरानी वॉरशिप IRIS-डेना? एक्सपर्ट ने उठाए गंभीर सवाल

by Suhani Sharma
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हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS-डेना को डुबोने की घटना पर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका ने श्रीलंका के तट के पास टॉरपीडो हमले में इस ईरानी फ्रिगेट को निशाना बनाया था, जिसमें 80 से ज्यादा नाविकों की मौत की खबर सामने आई थी। यह जहाज कुछ ही दिन पहले भारत के साथ हुए नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था।
इस बीच रक्षा विश्लेषक और जियो-स्ट्रेटेजिस्ट ब्रह्म चेलानी ने सवाल उठाया है कि क्या इस हमले में अमेरिका ने भारत से साझा की गई संवेदनशील समुद्री खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि भारत और अमेरिका के बीच COMCASA और LEMOA जैसे रक्षा समझौतों के तहत समुद्री गतिविधियों से जुड़ा डेटा साझा किया जाता है। अगर इसी डेटा की मदद से अमेरिकी सबमरीन ने ईरानी फ्रिगेट का पता लगाया और उसे निशाना बनाया, तो यह रक्षा साझेदारी की भावना के खिलाफ माना जा सकता है।


ईरान का दावा है कि IRIS-डेना किसी युद्ध मिशन पर नहीं था, बल्कि भारतीय नौसेना के आमंत्रण पर अभ्यास में शामिल होकर लौट रहा था और उस समय जहाज पर हथियार भी नहीं थे। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और कहा है कि बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया।


विशेषज्ञों का कहना है कि नौसैनिक अभ्यास के दौरान शामिल युद्धपोत आमतौर पर फुल कॉम्बैट लोड में नहीं होते, क्योंकि ऐसे अभ्यास सहयोग और मित्रता पर केंद्रित होते हैं। ऐसे में अगर जहाज वास्तव में बिना हथियारों के था, तो यह हमला और भी गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर अमेरिका ने इसे क्यों निशाना बनाया।

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