महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों ने छात्रा की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में अजमेर नगर से नारपोली पुलिस स्टेशन तक पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार भिवंडी के अजमेर नगर इलाके की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा, जो 10वीं कक्षा में पढ़ती थी, 1 मार्च को घर से बाथरूम जाने की बात कहकर निकली थी। लेकिन देर रात तक वह घर वापस नहीं लौटी। पूरे दिन तलाश करने के बावजूद जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने रात करीब 11 बजे पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

इसी बीच 4 मार्च की शाम पुलिस को कैलाश नगर पहाड़ी के पास एक नाबालिग लड़की का शव मिला। बाद में परिजनों ने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। परिवार का आरोप है कि बच्ची के शव की हालत बेहद खराब थी। उनका कहना है कि लड़की का एक हाथ कटा हुआ था और चेहरे पर किसी रासायनिक पदार्थ या तेजाब जैसा कुछ डाला गया था। शरीर पर जलने जैसे निशान भी दिखाई दे रहे थे और सिर के बाल भी नहीं थे। शव लंबे समय तक पड़े रहने के कारण उसमें कीड़े भी लग गए थे।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताने की कोशिश कर रही है, जबकि शव की हालत देखकर ऐसा नहीं लगता। परिवार का कहना है कि “क्या कोई इस तरह से आत्महत्या करता है? हमारी बच्ची के साथ बेहद क्रूरता की गई है। हमें इंसाफ चाहिए।”
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई लोगों और जनप्रतिनिधियों को इस घटना की जानकारी दी, लेकिन अब तक किसी ने उनका साथ नहीं दिया। परिवार का कहना है कि वे गरीब जरूर हैं, लेकिन अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं। उनका कहना है कि आज उनकी बेटी के साथ हुआ है, कल किसी और के साथ भी ऐसा हो सकता है।

घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने अजमेर नगर से नारपोली पुलिस स्टेशन तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।