Home मनोरंजनमहिला दिवस पर SNDT महिला विश्वविद्यालय पहुंचीं चित्रा वाघ, बोलीं 100 साल से रोज ‘महिला दिवस’ मना रहा है यह संस्थान

महिला दिवस पर SNDT महिला विश्वविद्यालय पहुंचीं चित्रा वाघ, बोलीं 100 साल से रोज ‘महिला दिवस’ मना रहा है यह संस्थान

by Suhani Sharma
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मुंबई: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भाजपा महिला अध्यक्ष और विधायक चित्रा वाघ ने मुंबई स्थित एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव से मुलाकात की और संस्थान में महिलाओं के लिए चलाए जा रहे विभिन्न शैक्षणिक और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत में चित्रा वाघ ने कहा कि समाज सुधारक महर्षि धोंडो केशव कर्वे द्वारा स्थापित यह विश्वविद्यालय पिछले 100 वर्षों से महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ महिला दिवस के दिन कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय समाज को ऐसे संस्थानों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, जो हर दिन महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं।


वाघ ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से चलाया जा रहा ‘चेतना’ कार्यक्रम काफी प्रेरणादायक है। इस पहल के तहत महिलाओं के लिए 400 से अधिक शॉर्ट कोर्स उपलब्ध हैं। इन कोर्सेस में पारंपरिक कौशल के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी विषय भी शामिल हैं। नथ बनाने जैसे पारंपरिक कौशल से लेकर साइबर अवेयरनेस, ऑफिस ऑटोमेशन और डिजिटल फॉरेंसिक जैसे आधुनिक विषयों में भी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान कुलगुरु डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव ने बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले 18 वर्षों से प्राध्यापकों की भर्ती नहीं हो पाई थी। हालांकि अब महायुति सरकार के कार्यकाल में इस दिशा में आने वाली कई बाधाएं दूर कर दी गई हैं और भर्ती का रास्ता साफ हुआ है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इस मुद्दे पर विशेष ध्यान दिया है।


चित्रा वाघ ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले इस विश्वविद्यालय को यदि सरकार से किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो वे हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
वाघ ने कहा कि अक्सर हम महिला दिवस केवल एक दिन मनाते हैं, लेकिन एसएनडीटी जैसे संस्थान पिछले एक सदी से हर दिन महिला दिवस मना रहे हैं। ऐसे संस्थानों के प्रति समाज को कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा, कौशल और अवसर दिलाने में सहयोग करना ही सावित्रीबाई फुले के विचारों को आगे बढ़ाने और वास्तविक अर्थों में महिला दिवस मनाने का सबसे बड़ा तरीका है।

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