मुंबई में महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘स्वाभिमान: द राइज़ ऑफ S.H.E.’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शहरी वंचित समुदायों से आने वाली महिलाओं की उपलब्धियों और उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानियों को साझा किया गया।
यह पहल अडानी फाउंडेशन, अडानी इलेक्ट्रिसिटी और महिला आर्थिक विकास महामंडल के सहयोग से शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और व्यवसाय प्रबंधन से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद डॉ. प्रीति अडानी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना पूरे समाज को सशक्त बनाने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम होती हैं तो उनकी आय का बड़ा हिस्सा परिवार, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होता है, जिससे समाज के विकास को नई गति मिलती है।

इस पहल के तहत अब तक मुंबई की 4500 से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। इनमें से कई महिलाएं सफल उद्यमी बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्वाभिमान और उत्थान पहल की प्रदर्शनी लगाई गई, साथ ही एक कॉफी टेबल बुक का लॉन्च भी किया गया। इसके अलावा महिलाओं के अनुभवों और उनके संघर्ष की कहानियों को साझा करने के लिए ‘S.H.E. Speaks’ नाम से एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने अपने सफर और सफलता के अनुभव साझा किए।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह की पहल के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर समाज में उनकी भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को और आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।