मुंबई में भारत और मॉरिशस के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मुलाकात देखने को मिली। भारत में मॉरिशस की उच्चायुक्त श्रीमती शीलाबाई बापू ने मुंबई की महापौर श्रीमती रितू तावड़े से शिष्टाचार भेंट की।
दरअसल, 6 से 10 मार्च तक मुंबई दौरे पर आईं उच्चायुक्त शीलाबाई बापू ने दोनों देशों के बीच सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से यह मुलाकात की। उस समय महापौर रितू तावड़े प्रभाग समिति अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया के सिलसिले में घाटकोपर स्थित एन प्रशासनिक विभाग कार्यालय में मौजूद थीं, जहां यह मुलाकात संपन्न हुई।

इस दौरान महापौर रितू तावड़े ने पारंपरिक तरीके से उच्चायुक्त शीलाबाई बापू का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच मुंबई और मॉरिशस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मूल रूप से महाराष्ट्र से जुड़ी पृष्ठभूमि रखने वाली शीलाबाई बापू का जन्म मॉरिशस में हुआ है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में नगरसेवक और उपमहापौर के पद से लेकर मॉरिशस सरकार के मंत्रिमंडल में सात बार मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में वह नवंबर 2025 से नई दिल्ली स्थित मॉरिशस दूतावास में उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे विभव इंटरनेशनल कल्चरल एंड एजुकेशनल फोरम इंडिया–मॉरिशस की संस्थापक भी हैं, जो लगभग 20 देशों में सामाजिक कार्य कर रही है।

महापौर रितू तावड़े ने शीलाबाई बापू की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके सार्वजनिक जीवन की प्रशंसा की। वहीं शीलाबाई बापू ने मुंबई में ‘आम्ही उद्योगिनी प्रतिष्ठान’ की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने सहभाग के बारे में भी जानकारी साझा की।
इस अवसर पर महापौर ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। साथ ही पर्यटन, शिक्षा और स्थानीय प्रशासन के क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग बढ़ाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई।

इस मुलाकात के दौरान शीलाबाई बापू के पति राज बापू, मॉरिशस दूतावास के सलाहकार दिलीप ठाणेकर, अंतरराष्ट्रीय मीडिया सलाहकार विनायक प्रभू, बृहन्मुंबई महानगरपालिका की नगरसेविका राखी जाधव, डॉ. अर्चना भालेराव, धर्मेश गिरी और एन प्रशासनिक विभाग के सहायक आयुक्त डॉ. गजानन बेल्लाळे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।