उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद मौलाना अब्दुल्ला सलीम की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस बयान को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विभिन्न हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों की ओर से राज्य के अलग-अलग जिलों में मौलाना के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। अब तक प्रदेश के 83 थानों में उनके खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
इस मामले को लेकर कई शहरों में विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए हैं। जगह-जगह मौलाना सलीम के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और उनके पुतले फूंके जा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में भी इस मुद्दे को लेकर माहौल गरम है। राजपूत करणी सेना ने हजरतगंज चौराहे पर मौलाना सलीम के खिलाफ प्रदर्शन करने और उनका पुतला दहन करने का ऐलान किया है। इसके चलते इलाके में पुलिस सतर्कता भी बढ़ा दी गई है।

बताया जा रहा है कि बिहार के अररिया जिले के रहने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने हाल ही में एक बयान में उत्तर प्रदेश में गोहत्या के खिलाफ बने कानून को लेकर टिप्पणी की थी। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और विवाद खड़ा हो गया।
हालांकि बढ़ते विवाद के बीच मौलाना सलीम ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने दावा किया है कि वायरल हो रहा वीडियो पुराना है और उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मौलाना का कहना है कि वीडियो 4 मई 2024 का है और उनकी पूरी बात को नहीं दिखाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी की आस्था या परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है और वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं और माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के बीच पुलिस किसी भी समय मौलाना सलीम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है।