मुंबई में शहरी हरियाली को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की तैयारी शुरू हो गई है। महाराष्ट्र सरकार अब आधुनिक अरबोरिकल्चर यानी वैज्ञानिक वृक्ष संरक्षण पद्धति को बढ़ावा देने जा रही है।
मुंबई के पालकमंत्री और आईटी व सांस्कृतिक मंत्री Ashish Shelar ने कहा है कि महानगरपालिका क्षेत्रों में अत्याधुनिक अरबोरिकल्चर तकनीक के जरिए “वृक्षों के क्लिनिक” स्थापित किए जाएंगे। साथ ही “ट्री लिटरेचर” और “ट्री फेस्टिवल” जैसी सांस्कृतिक अवधारणाओं के माध्यम से समाज में वृक्ष संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

मुंबई में “ग्रोइंग सिटीज, ग्रीनर कैनोपीज” थीम पर आयोजित दूसरी अंतरराष्ट्रीय अरबोरिकल्चर कॉन्फ्रेंस “वृक्षवर्धन 2026” में बोलते हुए मंत्री शेलार ने यह घोषणा की। यह सम्मेलन Amenity Tree Care Association और Nanaji Deshmukh Pratishthan के संयुक्त तत्वावधान में मुंबई के सहारा स्टार होटल में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एटीसीए के निदेशक वैभव राजे, नकुल सावनी, नानाजी देशमुख प्रतिष्ठान के सीईओ आर्यन पांडे और अध्यक्ष संजय पांडे भी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में आशिष शेलार ने कहा कि मुंबई, दिल्ली समेत दुनिया के कई बड़े शहरों में प्रदूषण गंभीर चुनौती बन चुका है। प्रकृति और मानव के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए अब वैज्ञानिक तरीके से वृक्षों का संरक्षण जरूरी हो गया है।

उन्होंने माना कि पारंपरिक वृक्ष प्राधिकरण के माध्यम से करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। इसलिए अब नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को नीति और बजट में शामिल किया जाएगा।
मंत्री शेलार ने कहा कि भारत की संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए “ट्री लिटरेचर” और “ट्री फेस्टिवल” जैसी पहल शुरू की जाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण जनआंदोलन बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का भी उल्लेख करते हुए इसे घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।

सम्मेलन के दौरान शहरी वृक्ष संरक्षण, अरबोरिकल्चर तकनीक और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जा रही है।
इस सम्मेलन में 8 मार्च को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis भी शामिल होंगे। वहीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना दूत और अभिनेत्री Dia Mirza मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगी।
इस आयोजन में दुनिया भर के विशेषज्ञ शहरी हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई रणनीतियों पर मंथन करेंगे।