
मुंबई: सोशल मीडिया पर इन दिनों 80s ट्रेंड का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपनी तस्वीरों को 1980 के दशक के लुक में बदलने के लिए अलग-अलग थर्ड पार्टी ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि, इस ट्रेंड के बीच साइबर एक्सपर्ट्स ने निजी तस्वीरों और डेटा की सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फोटो के साथ बायोमेट्रिक डेटा भी हो सकता है साझा
साइबर एक्सपर्ट एडवोकेट चैतन्य भंडारी के मुताबिक, किसी थर्ड पार्टी ऐप पर फोटो अपलोड करने के बाद केवल तस्वीर ही नहीं, बल्कि चेहरे की बनावट, हावभाव और दूसरी बायोमेट्रिक जानकारी भी संबंधित ऐप तक पहुंच सकती है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के डेटा के गलत इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे किसी भी ट्रेंड को फॉलो करने से पहले अपनी डिजिटल प्राइवेसी का ध्यान रखना जरूरी है।
फोटो अपलोड करने से पहले प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें
साइबर एक्सपर्ट ने सलाह दी है कि किसी भी थर्ड पार्टी ऐप पर निजी या पारिवारिक तस्वीरें अपलोड करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा इस्तेमाल से जुड़ी शर्तों को जरूर पढ़ें।
सोशल मीडिया ट्रेंड के साथ अपनी डिजिटल सुरक्षा का भी ख्याल रखें और बिना जानकारी के किसी भी ऐप पर निजी तस्वीरें अपलोड करने से बचें।