मुंबई में चुनावी माहौल के बीच मातोश्री बंगले और उसके आसपास प्रचार पर कथित रोक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
शिवसेना के राज्य प्रवक्ता अरुण सावंत ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि शिवसेना के उम्मीदवार वंजाळे को मातोश्री परिसर में प्रचार करने से रोका गया, जो लोकतंत्र के खिलाफ है और गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अरुण सावंत ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को चुनाव प्रचार से रोकना सीधे-सीधे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग लोकतंत्र की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्हें इतना भी ज्ञान नहीं कि प्रचार पर रोक लगाना कानूनन गलत है।
शिवसेना प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अगर उम्मीदवार को पिछड़े वर्ग से होने के कारण परेशान किया गया है, तो यह और भी गंभीर मामला है।

उन्होंने कहा कि ऐसे भेदभाव के खिलाफ जनता को चुनाव के जरिए सही और कड़ा जवाब देना चाहिए।
अरुण सावंत ने साफ शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिलना चाहिए और किसी एक पार्टी या व्यक्ति के प्रभाव में आकर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस पूरी घटना की तीव्र निंदा करते हुए निष्पक्ष चुनाव की मांग की है।