औरंगाबाद महानगरपालिका चुनाव के रण में वंचित बहुजन आघाड़ी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर के ऐतिहासिक आमखास मैदान में आयोजित भव्य जनसभा में जनसागर उमड़ पड़ा। इस मौके पर वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश (बालासाहेब) आंबेडकर ने सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ परंपरागत विपक्ष और मुस्लिम नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला और चुनावी बिगुल फूंक दिया।
अपने भाषण में प्रकाश आंबेडकर ने मुस्लिम नगरसेवकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि औरंगजेब का मुद्दा हो या हिजाब विवाद, क्या एक भी मुस्लिम नगरसेवक मजबूती से समुदाय के पक्ष में खड़ा हुआ? क्या कभी मुस्लिम नगरसेवकों ने सड़कों पर उतरकर मोर्चा निकाला? उत्तर प्रदेश में जब मुस्लिमों के घरों पर बुलडोजर चलाए गए, तब औरंगाबाद में एक भी मुस्लिम जनप्रतिनिधि विरोध में सामने क्यों नहीं आया? इन सवालों के जरिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर निशाना साधा।

धार्मिक नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए आंबेडकर ने कहा कि महानगरपालिका चुनाव के समय मौलवी, मुफ्ती और मुस्लिम संगठनों को यह स्पष्ट भूमिका लेनी चाहिए कि जो ताकतें मुस्लिम समाज के साथ खड़ी हैं, उन्हीं के साथ वे भी खड़े रहें। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मुफ्ती और मौलवियों को दोस्त बनाना सीखना होगा, तभी आरएसएस और भाजपा जैसी ताकतों का सामना किया जा सकेगा।
भाजपा पर हमला बोलते हुए प्रकाश आंबेडकर ने बदलापुर के कथित यौन उत्पीड़न प्रकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसे व्यक्ति को स्वीकृत नगरसेवक बना रही है, जिस पर गंभीर आरोप हैं। ऐसे लोग अगर आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में जाएंगे तो उनके कार्यकर्ता भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। इसी आधार पर उन्होंने जनता से भाजपा को वोट न देने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर निशाना साधते हुए आंबेडकर ने कहा कि मोदी सरकार और अमेरिका के बीच टकराव का खामियाजा देश के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की स्थिति कमजोर हुई है और युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर मोदी सरकार को सबक सिखाना है तो भाजपा को सत्ता से दूर रखना होगा।
सभा के अंत में प्रकाश आंबेडकर ने औरंगाबाद महानगरपालिका चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी के उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
शाम को हुई इस जनसभा में शहर के कोने-कोने से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आमखास मैदान पूरी तरह जनसमुदाय से भर गया। “जय भीम” और “वंचित बहुजन आघाड़ी जिंदाबाद” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में यह सभा चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमाने वाली साबित हुई।