गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवरफ्रंट पर सोमवार को रंग, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय मित्रता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 का भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक साझेदारी एक साथ आसमान में उड़ती नजर आई।
महोत्सव की शुरुआत से पहले दोनों नेताओं ने साबरमती आश्रम का दौरा किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने महिला कारीगरों से मुलाकात की और पारंपरिक पतंग निर्माण कला, डिज़ाइन और तकनीक की जानकारी ली। पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने कारीगरों के हुनर की सराहना करते हुए इसे भारत की जीवंत सांस्कृतिक पहचान बताया।

उद्घाटन समारोह के बाद दोनों नेता खुले वाहन में सवार होकर साबरमती रिवरफ्रंट का भ्रमण करते नजर आए। इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। रिवरफ्रंट पर रंग-बिरंगी और विशाल आकार की पतंगों ने पूरे आसमान को सतरंगी बना दिया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का दायरा और भी व्यापक है। दुनिया के 50 देशों से आए 135 पेशेवर अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज अपनी अनोखी और कलात्मक पतंगों के साथ इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं भारत के विभिन्न राज्यों से करीब 1,000 स्थानीय पतंगबाज भी इस महोत्सव की शान बढ़ा रहे हैं।

महोत्सव केवल अहमदाबाद तक सीमित नहीं रहेगा। पतंगबाजों की टीमें राजकोट, सूरत, धोलावीरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि 14 जनवरी तक चलने वाले इस आयोजन में 5 लाख से अधिक पर्यटक शामिल होंगे, जो पिछले वर्ष के 3.83 लाख के आंकड़े से कहीं अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 एक बार फिर गुजरात को सांस्कृतिक, पर्यटन और वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संदेश दे रहा है।