भारत की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho Corporation के फाउंडर और अरबपति उद्यमी श्रीधर वेम्बु एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनके कारोबार नहीं, बल्कि 30 साल पुरानी शादी का हाई-प्रोफाइल तलाक विवाद है।

अमेरिका में चल रही इस कानूनी लड़ाई में एक यूएस कोर्ट ने कथित तौर पर वेम्बु को $1.7 बिलियन (करीब ₹15,000 करोड़) का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। हालांकि, उनके वकील ने इसे अपील के दायरे में बताया है।
श्रीधर वेम्बु ने 1989 में पीएचडी के लिए अमेरिका का रुख किया था और 1993 में उनकी शादी प्रमिला श्रीनिवासन से हुई। दोनों के एक बेटे का जन्म हुआ, जिसे ऑटिज्म था। इसके बाद प्रमिला ने ऑटिज्म रिसर्च के लिए दा ब्रेन फाउंडेशन शुरू किया।

लेकिन 2020 के आसपास दंपती के रिश्तों में दरारें गहरी हो गईं। प्रमिला ने आरोप लगाया कि वेम्बु ने उन्हें और उनके बेटे को अमेरिका में छोड़ दिया और Zoho से जुड़ी कीमती संपत्ति अपने भाइयों को ट्रांसफर कर दी। इसके विपरीत वेम्बु ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पत्नी और बेटे को पूरा आर्थिक सहयोग दे रहे हैं।
इस विवाद ने सिर्फ निजी जीवन का मामला नहीं बल्कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में भी हलचल मचा दी है। फिलहाल, Zoho की अरबों की संपत्ति और शेयर इस हाई-प्रोफाइल तलाक केस का सबसे बड़ा मुद्दा बने हुए हैं।