Home ट्रेंडिंगईरान पर हमले को लेकर अरब देशों की ट्रंप को चेतावनी, बोले तेल बाजार अस्थिर हुआ तो अमेरिका को होगा भारी नुकसान

ईरान पर हमले को लेकर अरब देशों की ट्रंप को चेतावनी, बोले तेल बाजार अस्थिर हुआ तो अमेरिका को होगा भारी नुकसान

by Real Khabren
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ईरान को लेकर अमेरिका और मिडिल ईस्ट के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बीच अब सऊदी अरब, कतर और ओमान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है. इन अरब देशों ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान के शासन को गिराने की कोशिश की गई या उस पर हमला हुआ, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ेगा और अंततः इसका नुकसान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को ही झेलना होगा.

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब, कतर और ओमान ने व्हाइट हाउस को यह संदेश दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आएगा. इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी और अमेरिका में महंगाई पर भी असर पड़ेगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान में दिसंबर के अंत से जारी विरोध प्रदर्शनों पर खाड़ी देशों ने अब तक सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने से परहेज किया था, लेकिन हालात बिगड़ते देख अब उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है.

हालांकि व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने दावा किया है कि ट्रंप इन चेतावनियों को गंभीरता से लेंगे, इसकी संभावना कम है. अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति अलग-अलग राय सुनते जरूर हैं, लेकिन फैसला वही लेते हैं जो उन्हें सही लगता है.

इस बीच ट्रंप लगातार ईरान के प्रदर्शनकारियों को समर्थन दे रहे हैं. उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरानी देशभक्त विरोध जारी रखें, मदद रास्ते में है. ट्रंप के इस बयान को ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.

उधर ईरान के भीतर हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अब तक करीब तीन हजार लोगों की मौत हो चुकी है. सुरक्षा बलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा के आरोप लग रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने भी ईरान में हो रही कार्रवाई पर गहरी चिंता जताई है.

ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद हैं, जिससे लोग खबरों के लिए सैटेलाइट टीवी पर निर्भर हैं, हालांकि वहां भी भारी जैमिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं. कई शहरों में सुरक्षा बलों द्वारा घर-घर तलाशी और सैटेलाइट डिश जब्त किए जाने की खबरें भी हैं.

कुल मिलाकर, ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका ने पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिका दी हैं. अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ट्रंप अरब देशों की चेतावनी मानेंगे या फिर यह तनाव वैश्विक तेल संकट और बड़े संघर्ष का रूप ले लेगा.

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