Home राज्यमहाराष्ट्रमुंबई के आजाद मैदान में सैनिकों का महा मोर्चा, मंत्री भरत गोगावले से मुलाकात के बाद 25 मार्च तक मांगें मंजूर होने का भरोसा

मुंबई के आजाद मैदान में सैनिकों का महा मोर्चा, मंत्री भरत गोगावले से मुलाकात के बाद 25 मार्च तक मांगें मंजूर होने का भरोसा

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मुंबई के आजाद मैदान में महाराष्ट्र के सैनिकों और उनकी वीरांगनाओं ने अपने अधिकारों को लेकर बड़ा महा मोर्चा निकाला। इस मोर्चे का आयोजन एल्गार सैनिक एकता समिति महाराष्ट्र की ओर से किया गया, जिसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में सैनिक और उनके परिवार के सदस्य शामिल हुए।
इस आंदोलन की शुरुआत 9 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे हुई थी। पिछले चार दिनों तक लगातार सैनिक अपनी मांगों को लेकर आजाद मैदान में डटे रहे और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश करते रहे। आंदोलन में शामिल लोगों ने सरकार के सामने सैनिकों के अधिकारों, सुविधाओं और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर कई मांगें रखीं।


आंदोलन के पांचवें दिन सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात राज्य के मंत्री भरत शेट गोगावले से हुई। इस बैठक में सैनिकों की मांगों पर चर्चा की गई, जिसके बाद मंत्री की ओर से सकारात्मक आश्वासन दिया गया। बताया जा रहा है कि सैनिकों की प्रमुख मांगों को 25 मार्च तक मंजूरी देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस आंदोलन में कमांडो पद्माकर चंदनशिवे (डायरेक्टर, सैनिक एकता मंच), कैप्टन कमलेश्वर दाभाडे (अध्यक्ष, ड्राफ्टिंग कमिटी), सुचिता ताई भोयर (प्रवक्ता), अरुण कामेलकर (वरिष्ठ सलाहकार) समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा प्रभाताई रामटेके, सविता ताई इंगळे, सविता ताई नाईक, इंदिरा परिहार, शुभांगी ताई देशमुख, शाम भाऊ परसोडकर, नरेश हस्ती, एकनाथ चक्रे, अनंत डगवार, अतुल सगणे पाटील, गिरीडकर, रामेश्वर हातोलकर और बालकृष्ण बोदडे सहित कई लोग आंदोलन में सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
आजाद मैदान में आयोजित इस महा मोर्चे के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। सैनिकों और उनके परिवारों की बड़ी भागीदारी के कारण यह मोर्चा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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