महाराष्ट्र के नागपुर में आज सियासी हलचल तेज रहने वाली है, जहां वंचित बहुजन आघाड़ी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के मुख्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन की अगुवाई वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में संघ और केंद्र सरकार की भूमिका को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
दरअसल, 19 मार्च 2026 को किए गए एक ट्वीट के जरिए प्रकाश आंबेडकर ने RSS की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। इसी कड़ी में 23 मार्च को नागपुर में यह जनप्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में शामिल होने वाले हैं।

प्रकाश आंबेडकर ने बताया कि उन्होंने और उनके सहयोगी हर्षसपकळ ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर इस प्रदर्शन की पूर्व सूचना दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य परिस्थितियों में गैर-पंजीकृत संस्थाओं को पत्र लिखने की परंपरा नहीं होती, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है।

अपने पत्र और बयानों के जरिए आंबेडकर ने कई अहम मुद्दों पर RSS की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम कथित एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ईमेल में सामने आने के बाद भी RSS खामोश क्यों है। इसके अलावा अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों, राफेल लड़ाकू विमान सौदे में सोर्स कोड जैसे अहम मुद्दों पर भी संघ की चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
आंबेडकर ने यह भी आरोप लगाया कि देश की संप्रभुता, नीति निर्माण की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर यदि समझौते हो रहे हैं, तो RSS की भूमिका क्या है और वह इस पर खुलकर सामने क्यों नहीं आ रहा।
वंचित बहुजन आघाड़ी का कहना है कि इन सभी सवालों के जवाब जनता के सामने आने चाहिए। इसी मांग को लेकर नागपुर में आज शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा और RSS से स्पष्ट जवाब देने की अपील की जाएगी।