गुजरात की पावन धरती पर अहमदाबाद में माँ साबरमती नदी के तट पर अजीत दादा पवार जी की पवित्र अस्थियों का विधिवत विसर्जन किया गया। श्रद्धा, आस्था और भावनाओं से भरे इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह की आंखें नम रहीं। वैदिक मंत्रोच्चार और ईश्वर स्मरण के बीच पूरे विधि-विधान से अस्थि-विसर्जन संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस की पहल पर किया गया, जिसमें गुजरात प्रदेश के समस्त पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। माहौल अत्यंत भावुक रहा और हर चेहरा अजीत दादा पवार की स्मृतियों से जुड़ा नजर आया

राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस द्वारा लिए गए “देश की प्रत्येक पवित्र नदी में अस्थियों का विसर्जन” के संकल्प को पूर्ण करने की दिशा में टीम गुजरात ने अहम भूमिका निभाई। इस क्रम में साबरमती नदी के तट पर किया गया यह विसर्जन संगठन के संकल्प, एकजुटता और श्रद्धा भाव का प्रतीक बना।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि अजीत दादा पवार के विचार, उनका व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा। उनकी स्मृतियाँ संगठन और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सेवा और समर्पण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेंगी।