
आगरा। थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्षेत्र में रात के समय खनन का कारोबार जोरों पर चल रहा है और ट्रैक्टरों के जरिए खनन सामग्री का परिवहन किया जा रहा है। इसको लेकर क्षेत्रीय पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) से जुड़े हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, खनन के लिए TTZ क्षेत्र में लगे हरे पेड़ों को काटने के साथ-साथ कुछ बड़े पेड़ों को ट्रैक्टर की मदद से जड़ से उखाड़े जाने का भी दावा किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हरबान सिंह समेत कुछ अन्य लोगों पर कथित रूप से खनन गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में स्थानीय पुलिस और वन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में खनन की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। वहीं, पुलिस पर प्रति ट्रैक्टर कथित रूप से ‘चढ़ावा’ पहुंचने का आरोप भी लगाया जा रहा है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब सवाल यह है कि यदि रात के समय क्षेत्र में लगातार खनन हो रहा है और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सही हैं, तो संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्या पुलिस और वन विभाग इस पूरे मामले की जांच करेंगे?