
मुंबई: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल और विभिन्न राजनीतिक नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी और बैठकों का दौर जारी है।
आरक्षण की मांग, मराठा समुदाय को आरक्षण का लाभ दिलाने और संबंधित सरकारी फैसलों को लेकर जरांगे पाटिल लगातार अपनी भूमिका स्पष्ट करते रहे हैं। वहीं, सरकार और राजनीतिक दलों की ओर से भी इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से अहम रहा है। ऐसे में नेताओं के बीच जारी बैठकों और बयानों पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।
आंदोलन की अगली रणनीति और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।