Home दुनियामिडिल ईस्ट युद्ध पर बोले शशि थरूर भारत लड़ाई में शामिल नहीं होगा, लेकिन असर से आंखें नहीं मूंद सकता

मिडिल ईस्ट युद्ध पर बोले शशि थरूर भारत लड़ाई में शामिल नहीं होगा, लेकिन असर से आंखें नहीं मूंद सकता

by Suhani Sharma
0 comments

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने इस पूरे संकट पर बड़ा बयान दिया है। थरूर ने कहा कि भारत इस संघर्ष में सैन्य रूप से शामिल नहीं होगा, लेकिन इसके असर से पूरी तरह अछूता भी नहीं रह सकता।
एक इंटरव्यू में थरूर ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय नागरिक हैं। उनके मुताबिक करीब 90 लाख भारतीय Middle East और खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे हैं, जिनकी रोज़ी-रोटी और सुरक्षा इस युद्ध से प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि मिसाइल हमलों और बढ़ते तनाव के कारण कई जगहों पर हवाई उड़ानें प्रभावित हो रही हैं, जिससे वहां रह रहे भारतीयों और व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


थरूर ने कहा कि भारत की प्राथमिकता इस समय युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की दिशा में काम करना होना चाहिए। उनका कहना है कि तनाव कम करने और बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिश करना ही भारत के हित में है।


रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की ओर से मिली छूट के सवाल पर भी थरूर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस छूट से भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को राहत मिलेगी और वे प्रतिबंधों के खतरे के बिना कुछ समय तक तेल खरीद सकेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सरकार को बेहद संतुलित और सावधानी भरा रुख अपनाना पड़ रहा है।
थरूर के मुताबिक भारत जैसे बड़े देश को इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संकट में संतुलन बनाकर चलना पड़ता है, क्योंकि इसके फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और विदेशों में रह रहे करोड़ों भारतीयों पर पड़ता है।

You may also like

Leave a Comment