नई दिल्ली: AI इम्पैक्ट समिट में हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में इंडिया यूथ कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। संगठन के नेशनल प्रेसिडेंट उदय भानु चिब को ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी है।
चिब के वकील एडवोकेट सुलेमान मोहम्मद खान ने बताया कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अदालत में चिब की पुलिस कस्टडी सात दिन बढ़ाने की मांग की थी। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की रिमांड बढ़ाने के लिए भी अलग-अलग आवेदन दाखिल किए गए थे। हालांकि, बचाव पक्ष ने जमानत की अर्जी दाखिल करते हुए कहा कि रिमांड बढ़ाने के लिए पुलिस के पास ठोस आधार नहीं है।
सुनवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस की दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और चिब को जमानत दे दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि क्राइम ब्रांच रिमांड बढ़ाने के लिए स्पष्ट और ठोस कारण पेश नहीं कर सकी।

हालांकि, जमानत कुछ शर्तों के साथ दी गई है। अदालत ने निर्देश दिया है कि उदय भानु चिब अपना पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कोर्ट के सामने सरेंडर करेंगे। इसके अलावा उन्हें 50 हजार रुपये की श्योरिटी भी देनी होगी।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ सदस्यों द्वारा कमीज उतारकर किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में कार्रवाई की थी। पुलिस ने गिरफ्तारी मेमो में उदय भानु चिब को भारत मंडपम में कथित रूप से अवैध तरीके से एकत्र होने और प्रदर्शन की साजिश रचने का मुख्य साजिशकर्ता बताया था। पुलिस का आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और दंगे जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की।

अब अदालत से जमानत मिलने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।