
नई दिल्ली:
देश के कई हिस्सों में अगले तीन महीनों तक सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने सभी राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों से कहा है कि वे जल संकट और संभावित सूखे से निपटने के लिए अपने आपदा प्रबंधन एवं राहत संबंधी एक्शन प्लान को तत्काल प्रभाव से लागू करें।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता फिलहाल कुछ प्रमुख मौसम प्रणालियों के गठन पर निर्भर है। यदि आगामी दिनों में दो महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम विकसित होते हैं, तभी व्यापक और संतोषजनक बारिश की संभावना बनेगी। अन्यथा कई राज्यों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश का असर कृषि उत्पादन, जलाशयों के जलस्तर और पेयजल आपूर्ति पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए राज्यों को जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन और आपातकालीन राहत योजनाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम विभाग से नियमित रिपोर्ट प्राप्त कर रही है। आने वाले सप्ताहों में मानसून की प्रगति देश के कृषि और जल प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।