
कोलकाता, पश्चिम बंगाल:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 28 साल पुरानी All India Trinamool Congress के भीतर असंतोष और बगावत की चर्चाओं ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। दावा किया जा रहा है कि पिछले 13 दिनों के भीतर पार्टी में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है और 58 विधायकों के अलग रुख अपनाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिल्ली से शुरू हुई इस सियासी हलचल का असर अब पश्चिम बंगाल की राजनीति पर दिखाई दे रहा है। इसी बीच विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari की एक बैठक में मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं के पहुंचने की खबरों ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है।
हालांकि, TMC की ओर से अब तक किसी बड़े विभाजन या विधायकों के अलग होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी नेतृत्व लगातार संगठन की एकजुटता बनाए रखने का दावा कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि विधायकों की नाराजगी और दल-बदल की चर्चाएं सही साबित होती हैं, तो इसका असर पश्चिम बंगाल की सियासत और आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।