
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हाल के दिनों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया है, जिससे एक बार फिर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें केवल कच्चे तेल के दाम पर निर्भर नहीं करतीं। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च, डीलर कमीशन और तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति भी शामिल होती है।
यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद उपभोक्ताओं को तुरंत राहत नहीं मिलती। वहीं, तेल कंपनियां वैश्विक बाजार की स्थिति, रुपये-डॉलर विनिमय दर और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर कीमतों पर फैसला लेती हैं।
फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती को लेकर सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं की नजरें आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं।