
नई दिल्ली:
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में दोनों देशों ने सैन्य तकनीक और रक्षा उत्पादन से जुड़े सहयोग पर जोर दिया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उन्नत रक्षा प्रणालियों और तकनीकी सहयोग पर चर्चा जारी है।
हाल के महीनों में भारत और रूस के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ताएं हुई हैं, जिनमें संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास, सह-उत्पादन और आधुनिक रक्षा तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने पर बल दिया गया।
हालांकि, सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि भारत और रूस के बीच टी-14 अरमाता टैंक को लेकर “सबसे बड़ा सैन्य तकनीक समझौता” हो चुका है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर ऐसे किसी अंतिम समझौते की पुष्टि नहीं हुई है। रूस की ओर से उन्नत रक्षा प्लेटफॉर्म पर सहयोग की इच्छा पहले भी जताई गई है, लेकिन टी-14 अरमाता पर किसी औपचारिक करार की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-रूस रक्षा साझेदारी भविष्य में भी दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनी रहेगी, खासकर संयुक्त उत्पादन, तकनीकी हस्तांतरण और सैन्य आधुनिकीकरण के क्षेत्र में।