
नई दिल्ली:
देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एंटी-पेपर लीक विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित संशोधनों में दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सरकार के अनुसार, यह विधेयक पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और अधिक सख्त बनाएगा। संगठित पेपर लीक रैकेट, परीक्षा में धांधली और ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्तावित कानून में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई का भी प्रावधान किया गया है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत हो।
यह फैसला हाल के पेपर लीक विवादों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बीच लिया गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आगे भी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।