
अमरावती: जिला महिला अस्पताल (डफरीन) के NICU में मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे लगी भीषण आग में तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी मामले में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रहार के सात कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मंत्री के अस्पताल पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया।
प्रहार महानगर प्रमुख बंटी रामटेके के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने डफरीन अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने वेंटिलेटर सप्लाई करने वाली कंपनी और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग रखी।
प्रहार कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में मृत नवजातों के परिजनों की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करना और प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात से पहले ही कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद कुछ समय के लिए डफरीन अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। तीन नवजातों की मौत के बाद अब अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, आग लगने के कारण और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।