Home ट्रेंडिंगतेल संकट के बीच अमेरिका का यू-टर्न, समंदर में फंसे रूसी तेल को खरीदने की अस्थायी अनुमति

तेल संकट के बीच अमेरिका का यू-टर्न, समंदर में फंसे रूसी तेल को खरीदने की अस्थायी अनुमति

by Suhani Sharma
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है। United States प्रशासन ने रूसी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देते हुए समुद्र में ट्रांजिट में फंसे रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद की अनुमति दे दी है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक यह एक अस्थायी लाइसेंस के तहत दी गई छूट है, जिसका मकसद वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को बनाए रखना और कीमतों को नियंत्रित करना है। प्रशासन का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अचानक बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने में मदद मिल सकती है।


दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और Strait of Hormuz के आसपास बढ़ते जोखिम के कारण वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वजह है कि अमेरिका ने सीमित समय के लिए इस तरह की राहत देने का फैसला किया है।
इससे पहले भी अमेरिका ने India समेत कुछ देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए करीब 30 दिनों की अस्थायी छूट दी थी। यह फैसला ऐसे समय में आया था जब Russia- Ukraine War के बाद रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए थे।


अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल उस रूसी तेल पर लागू होगी जो पहले से समुद्र में ट्रांजिट में है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़ सके लेकिन रूस को अतिरिक्त आर्थिक फायदा न मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। ऐसे में अमेरिका का यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की एक रणनीतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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