महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला।

आंबेडकर ने अपने ट्वीट में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में एक काल्पनिक संवाद पेश करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। इस संवाद में उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका के प्रभाव में काम कर रही है और आरएसएस इस पर चुप्पी साधे हुए है।
अपने ट्वीट के जरिए उन्होंने राफेल सौदे और विदेश नीति जैसे मुद्दों को भी निशाने पर लिया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि देश को दोबारा “गुलामी की ओर धकेला जा रहा है”, जिसे उन्होंने गंभीर और देशहित के खिलाफ बताया।
इतना ही नहीं, आंबेडकर ने इतिहास का हवाला देते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में आरएसएस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताई।
इस पूरे विवाद के बीच अब 23 मार्च को नागपुर में आरएसएस के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया है। आंबेडकर ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
फिलहाल, इस बयान के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर तेज होने की संभावना है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।