
वॉशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी व्यापार नीति को नया स्वरूप देते हुए लगभग 60 वैश्विक व्यापारिक साझेदार देशों पर नए और अधिक आयात शुल्क (टैरिफ) लागू करने की घोषणा की है। इस फैसले से वैश्विक व्यापार और निर्यात बाजार में हलचल तेज हो गई है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन टैरिफ का उद्देश्य घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना, व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना है। नए शुल्क विभिन्न आयातित उत्पादों पर लागू किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर वैश्विक सप्लाई चेन, निर्यात कारोबार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। कई देशों के निर्यातकों और उद्योग संगठनों ने बढ़ती लागत और व्यापार पर संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है।
अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यदि प्रभावित देशों की ओर से जवाबी टैरिफ लगाए जाते हैं, तो वैश्विक व्यापार में तनाव और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदारों के बीच नई वार्ताओं और कूटनीतिक प्रयासों पर नजर रहेगी।