
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को 2017 के एक भ्रष्टाचार मामले में जमानत हासिल करने के लिए खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर विशेष जज को प्रभावित और धमकाने के मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उसे IPC की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी माना है।
अभियोजन के मुताबिक, पुलिस हिरासत के दौरान सुकेश ने एक पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर विशेष जज पूनम चौधरी से संपर्क किया। पहले खुद को सुप्रीम कोर्ट के जज का निजी सचिव और फिर जज बताकर सुकेश ने जमानत देने का दबाव बनाया और ऐसा न करने पर गंभीर पेशेवर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
अदालत ने इस कृत्य को न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और गरिमा पर सीधा हमला बताया। अब 27 अगस्त 2026 को सजा की अवधि पर सुनवाई होगी।
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