
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा ने लोकसभा में मौजूदा 543 सीटों की संख्या को स्थायी रूप से स्थिर रखने का प्रस्ताव पारित किया है। यह प्रस्ताव परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों की चिंताओं के बीच आया है।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि आबादी के आधार पर होने वाले परिसीमन के बावजूद लोकसभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व को कम न किया जाए। तमिलनाडु का तर्क है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, उन्हें इसका राजनीतिक नुकसान नहीं उठाना चाहिए।
विधानसभा के प्रस्ताव में मौजूदा 543 सीटों के भीतर ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग भी शामिल है। परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।