
नई दिल्ली:
देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता आगामी राजनीतिक रणनीतियों, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, धार्मिक मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर एक-दूसरे पर लगातार निशाना साध रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी समाजवादी पार्टी के बीच कई मुद्दों पर जुबानी जंग जारी है। नेताओं के हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
वहीं, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली और अन्य राज्यों में भी विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस, जनसभाओं और विरोध प्रदर्शनों के जरिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कई दल आगामी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों की तैयारियों में जुटे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में विभिन्न राज्यों के चुनावों और संसद के मानसून सत्र के मद्देनजर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष अपनी उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने में जुटा है।