
नई दिल्ली:
केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री की सलाह पर यह जिम्मेदारी उन्हें उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ अतिरिक्त रूप से दी है।
कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा उनके लिए नया विषय है, लेकिन वे पूरी जिम्मेदारी और विनम्रता के साथ मंत्रालय का कामकाज संभालेंगे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक भी की और मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की जानकारी ली।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब देश में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा चल रही है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कदमों की घोषणा भी की है।
सरकार का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय का कामकाज पहले की तरह जारी रहेगा और परीक्षा सुधार, उच्च शिक्षा तथा नई शिक्षा नीति से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।