
नई दिल्ली:
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से भारत से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 1% सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) ब्लेंडिंग अनिवार्य की जाएगी। यह कदम विमानन क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के अनुसार, SAF पारंपरिक विमान ईंधन की तुलना में अधिक पर्यावरण-अनुकूल है और इससे ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यह पहल भारत के स्वच्छ ऊर्जा और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में भी मदद करेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कहना है कि इस नीति से भारत में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे हरित ईंधन उद्योग को गति मिलने के साथ-साथ विमानन क्षेत्र में नई निवेश संभावनाएं भी पैदा होंगी।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में SAF ब्लेंडिंग का प्रतिशत चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा सकता है, ताकि भारतीय विमानन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ बनाया जा सके।