
नई दिल्ली/हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सभा स्थल पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ के लिए हवन किए जाने का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। 13 अगस्त को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे को उठाते हुए इसे अपने और सामाजिक रूप से वंचित समुदायों के अपमान से जोड़ा।
रिपोर्टों के मुताबिक, खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था। इसके दो दिन बाद, 10 अगस्त को श्रीराम सेना से जुड़े लोगों द्वारा उसी स्थान पर ‘शुद्धिकरण हवन’ किए जाने की जानकारी सामने आई। इस घटना के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
राज्यसभा में खड़गे ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि किसी राजनीतिक नेता के कार्यक्रम के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ क्यों किया गया। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
मामले पर संसदीय कार्य मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने जवाब देते हुए कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो यह गंभीर और दुखद है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कराई जाएगी। नड्डा ने यह भी कहा कि इसे केवल कांग्रेस या खड़गे का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि ऐसी घटना समाज के लिए चिंता का विषय है।
इस पूरे विवाद ने संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।