
वसई-विरार: शहर में गड्ढों और स्थानीय विकास के मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दल बीजेपी की ओर से इन समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन किए जाते रहे हैं। लेकिन अब सत्ताधारी बहुजन विकास आघाड़ी के नगरसेवक कन्हैया भोईर के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
कन्हैया भोईर के कथित बयान “गड्ढों में खड़े रहकर आंदोलन करने से कुछ हासिल नहीं होता” के बाद बीजेपी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी का कहना है कि जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को लेकर आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन जरूरी हैं।
वहीं, नगरसेवक के बयान के बाद वसई-विरार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता नजर आ रहा है। गड्ढों, सड़कों और स्थानीय विकास के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
अब सवाल यही है कि वसई-विरार में जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन करना उचित है या अनुचित? नगरसेवक के बयान पर बीजेपी की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
बाइट: धीरेंद्र कुलकर्णी