नागपुर महानगरपालिका चुनाव का प्रचार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश (बालासाहेब) आंबेडकर ने नागपुर के ऐतिहासिक इंदोरा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में नागपुर के विभिन्न प्रभागों से हजारों कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे, जिससे मैदान जनसागर में तब्दील हो गया। 15 जनवरी को होने वाले चुनाव से पहले वंचित बहुजन आघाड़ी की इस ताकतवर मौजूदगी ने शहर की राजनीतिक तस्वीर को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
सभा को संबोधित करते हुए एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने सत्ताधारी दलों और मौजूदा व्यवस्था पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि देश में संविधान के खिलाफ एक ‘मनुवादी व्यवस्था’ को मजबूत किया जा रहा है। आंबेडकर ने आरोप लगाया कि 400 करोड़ के काम को 800 करोड़ में दिखाकर सरकारी खजाने की खुली लूट की जा रही है और इसी लूटे हुए पैसे के दम पर चुनाव जीते जा रहे हैं। उनका कहना था कि पैसे की ताकत से लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा करने की साजिश चल रही है।
प्रकाश आंबेडकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यही हालात बने रहे तो देश में एकपक्षीय हुकूमशाही की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जब विपक्ष कमजोर होता है, तब सत्ताधारी निरंकुश हो जाते हैं और लोकतंत्र सिर्फ नाम का रह जाता है। आंबेडकर के मुताबिक, राजनीतिक दलों और संगठनों को जिंदा रखना ही संविधान की असली रक्षा है।

उन्होंने फुले-शाहू-आंबेडकर विचारधारा से जुड़े समाज को सीधे तौर पर सत्ता की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया। आंबेडकर ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस विचारधारा से जुड़े लोग सिर्फ मतदाता न बनें, बल्कि सत्ताधारी बनें। उन्होंने जनता से सवाल किया कि वे अपने स्वाभिमान के साथ खड़े होना चाहते हैं या पैसों की राजनीति के साथ। आंबेडकर ने स्पष्ट किया कि जब तक संविधान सुरक्षित है, तभी तक वंचित और कमजोर वर्ग सुरक्षित रहेंगे।
नागपुर में जहां एक ओर भाजपा और कांग्रेस के बीच पारंपरिक मुकाबला माना जा रहा है, वहीं वंचित बहुजन आघाड़ी ने अपने स्वतंत्र एजेंडे के साथ चुनाव को त्रिकोणीय और ज्यादा रोचक बना दिया है। इंदोरा मैदान की इस विराट सभा ने यह संकेत दे दिया है कि वंचित बहुजन आघाड़ी नागपुर की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतर चुकी है।
सभा में वंचित बहुजन आघाड़ी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इंदोरा मैदान गगनभेदी नारों से गूंज उठा और कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिसने आगामी चुनावी मुकाबले की गर्मी और बढ़ा दी है।