वसई-विरार में वंचित बहुजन आघाड़ी के युवा नेता सुजात आंबेडकर ने अपने सादे अंदाज़ और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व से एक बार फिर चर्चा बटोरी है। जब आमतौर पर राजनीतिक दौरों में लंबा काफ़िला और सुरक्षा व्यवस्था सुर्ख़ियों में रहती है, वहीं सुजात आंबेडकर ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना।

सभा में समय पर पहुंचने के लिए उन्होंने मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन से यात्रा की। सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का उनका यह फैसला कार्यकर्ताओं ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के बीच भी सराहा जा रहा है। लोकल ट्रेन में किए गए इस सफ़र की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें सुजात आंबेडकर का सादा और सहज रूप साफ़ दिखाई दे रहा है।

वसई-विरार क्षेत्र में अपने दौरे के दौरान सुजात आंबेडकर ने स्थानीय जनसमस्याओं पर आक्रामक और स्पष्ट भूमिका रखी। बेरोज़गारी, महंगाई, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर उनके बेबाक बयान ने मतदाताओं के बीच असर छोड़ा है। इसी वजह से इलाके में उनका राजनीतिक प्रभाव और ‘दरारा’ लगातार बढ़ता नज़र आ रहा है।
इस दौरे से वंचित बहुजन आघाड़ी के कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सुजात आंबेडकर की सादगी और जनता से सीधा जुड़ाव ही उनकी सबसे बड़ी ताक़त है, जो आने वाले समय में वसई-विरार की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।