Home देशगोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना को रफ्तार, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट का तेज़ी से उत्खनन जारी

गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना को रफ्तार, फिल्म सिटी में लॉन्चिंग शाफ्ट का तेज़ी से उत्खनन जारी

by Real Khabren
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गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना को रफ्तार,

मुंबई के महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति सामने आई है। गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में भूमिगत जुळ्या बोगदों के निर्माण के लिए लॉन्चिंग शाफ्ट का उत्खनन कार्य तेज़ी से जारी है। इस परियोजना के तहत 5.3 किलोमीटर लंबाई वाले, तिहरी लेन के जुळ्या बोगदों का निर्माण किया जाना है, जिसके लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों यानी टीबीएम का उपयोग किया जाएगा।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित इस परियोजना में दो टनल बोरिंग मशीनें तैनात की जाएंगी। इनमें से एक टीबीएम के सभी घटक पहले ही उपलब्ध हो चुके हैं, जबकि दूसरी टीबीएम के शेष घटक गुरुवार, 22 जनवरी 2026 की रात कार्यस्थल पर पहुंचने वाले हैं। उत्खनन के पहले चरण का कार्य पूरा कर 10 मार्च 2026 तक टीबीएम को लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद जून 2026 से प्रत्यक्ष बोगदा खुदाई कार्य आरंभ करने की योजना है।

अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) श्री अभिजीत बांगर ने 21 जनवरी 2026 को दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में चल रहे कार्यों का प्रत्यक्ष स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा हो, इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं तथा कार्य की गति और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। निरीक्षण के समय महानगरपालिका के वरिष्ठ अभियंता और परियोजना सलाहकार भी उपस्थित रहे।

लॉन्चिंग शाफ्ट का कुल आकार लगभग 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा है। गहराई में चल रहे उत्खनन के दौरान किनारों की सुरक्षा के लिए रॉक एंकरिंग की गई है। अब तक 23 मीटर गहराई तक उत्खनन कार्य पूरा हो चुका है। शेष 7 मीटर तक खुदाई पूरी कर टीबीएम को लॉन्च करने के लिए आवश्यक क्रैडल निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने के निर्देश श्री बांगर ने दिए हैं।

वर्तमान में प्रतिदिन उत्खनन से लगभग 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर मलबा और मिट्टी बाहर निकाली जा रही है, जिसे प्रतिदिन करीब 120 वाहनों के माध्यम से परिवहन किया जा रहा है। तय समयसीमा में कार्य पूरा करने के लिए उत्खनन की रफ्तार और बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

अतिरिक्त आयुक्त अभिजीत बांगर ने बताया कि 10 मार्च 2026 तक टीबीएम को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद अगले तीन महीनों में टीबीएम और उसके पीछे लगने वाली तीन गैंट्री को जोड़ने का कार्य पूरा किया जाएगा। जून 2026 से वास्तविक रूप से बोगदा खुदाई कार्य शुरू होगा। तिहरी लेन वाले बॉक्स टनल और जुळ्या बोगदों का यह कार्य इंजीनियरिंग की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। टीबीएम की सहायता से लगभग 5.3 किलोमीटर तक जुळ्या बोगदों की खुदाई की जाएगी, जबकि बॉक्स टनल सहित कुल लंबाई करीब 6.62 किलोमीटर होगी। प्रत्येक बोगदे का बाहरी व्यास लगभग 14.42 मीटर रहेगा।

गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग परियोजना मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण नया कॉरिडोर है। इससे विशेष रूप से उत्तर मुंबई की यातायात व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड की तुलना में इस नए मार्ग से यात्रा की दूरी लगभग 8.80 किलोमीटर कम हो जाएगी। परिणामस्वरूप मुंबईकरों का यात्रा समय और ईंधन की बचत होगी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

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