मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में बृहन्मुंबई महानगरपालिका एक बड़ा कदम उठा रही है। कशेली (भिवंडी) से मुलुंड जकात नाका के बीच प्रस्तावित जलबोगदा परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में महानगरपालिका आयुक्त एवं प्रशासक भूषण गगराणी ने मुलुंड जकात नाका स्थित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और कार्य प्रगति की समीक्षा की।
इस दौरान उप आयुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) पुरुषोत्तम मालवदे, प्रमुख अभियंता (जलापूर्ति परियोजना) महेंद्र उबाळे सहित संबंधित अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे। आयुक्त गगराणी ने कहा कि जलबोगदों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने से लीकेज और वितरण में होने वाले अपव्यय पर प्रभावी नियंत्रण संभव होता है। इसी कारण जल वितरण व्यवस्था में जलबोगदे एक व्यवहार्य और टिकाऊ विकल्प के रूप में उभरकर सामने आए हैं।

उन्होंने बताया कि मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी और अग्रणी प्रणालियों में गिनी जाती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका भारत की पहली स्थानीय स्वराज्य संस्था है, जिसने जलापूर्ति के लिए जलबोगदों का निर्माण किया। लगभग 100 किलोमीटर लंबे जलबोगदों के साथ मुंबई दुनिया का दूसरा ऐसा शहर है, जहां इतनी व्यापक जलबोगदा प्रणाली मौजूद है।
आयुक्त गगराणी ने जानकारी दी कि भातसा जलस्रोत का पानी मुंबई-द्वितीय और मुंबई-तृतीय मुख्य जलवाहिनियों के जरिए शहर तक पहुंचाया जाता है। बढ़ते शहरीकरण के चलते ठाणे शहर में चल रहे विकास कार्यों के कारण इन जलवाहिनियों में बाधाएं आ रही हैं। इसी को देखते हुए ठाणे महानगरपालिका ने इन जलवाहिनियों की ऊंचाई कम करने का अनुरोध किया है। मुंबई में लगातार बढ़ती पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए कशेली से मुलुंड जकात नाका तक नया जलबोगदा बनाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने बताया कि यह परियोजना सितंबर 2024 से प्रगतिपथ पर है और इसके अक्टूबर 2030 तक पूर्ण होने की संभावना है। कुल 7.1 किलोमीटर लंबे इस जलबोगदे के जरिए पानी का वहन किया जाएगा। परियोजना के तहत मुलुंड जकात नाका पर 134 मीटर गहराई का लॉन्चिंग शाफ्ट बनाया जा रहा है, जिसमें से अब तक 130 मीटर तक खुदाई पूरी हो चुकी है। वहीं, बोगदा खनन पूरा होने के बाद मशीन को बाहर निकालने के लिए कशेली (भिवंडी) में 128 मीटर गहराई का रिकवरी शाफ्ट बनाया जा रहा है, जहां 15 मीटर तक खुदाई का काम पूरा हो चुका है।

आयुक्त गगराणी ने स्पष्ट किया कि जलबोगदा खनन मशीन के जरिए बोगदा खोदने का काम जुलाई 2026 से शुरू किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, साथ ही भविष्य की बढ़ती आबादी और पानी की मांग को पूरा करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।