आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोकशी की घटनाओं में शामिल दो शातिर गोतस्कर गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं, दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, सरायमीर थाने की टीम बीती रात क्षेत्र में गश्त और वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम डेमरी मकदुमपुर में पूर्व में हुई गोकशी की घटना में शामिल गोतस्कर दोबारा पिकअप वाहन से प्रतिबंधित पशुओं को लेकर दीदारगंज–सरायमीर मार्ग से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सिकरौर सहबरी के आगे घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही आरोपियों ने अवरोधक तोड़ते हुए पिकअप वाहन तेज गति से भगा दिया। कुछ दूरी पर वाहन छोड़कर बदमाश पैदल भागने लगे और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद जब फायरिंग जारी रही तो पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रफीक उर्फ टोनी और राहुल यादव के पैर में गोली लगी और दोनों घायल होकर गिर पड़े।

घायल आरोपियों को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया है। पूछताछ में उन्होंने ग्राम डेमरी मकदुमपुर में 16 दिसंबर 2025 को हुई गोकशी की घटना सहित अन्य वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह में सलमान, मन्नान समेत कई अन्य लोग शामिल हैं, जो जौनपुर बॉर्डर से सटे क्षेत्रों से प्रतिबंधित पशुओं को पकड़कर पिकअप के जरिए लाते थे और गोकशी कर मांस का अवैध कारोबार करते थे।

मौके से पुलिस ने पिकअप वाहन, प्रतिबंधित पशु, दो अवैध तमंचे, दो फायरशुदा और दो जिंदा व मिसफायर कारतूस, नकद धनराशि सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। फरार दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई जारी है।