मुंबई की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम चुनावों से पहले अपने इरादे साफ कर दिए हैं। मुंबई महानगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में बीजेपी मुंबई कार्यालय में विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिसे पार्टी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
बीजेपी ने जानकारी दी है कि बुधवार सुबह 10 बजे मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम नामांकन फॉर्म भरने के लिए पहुंचेंगे। इस मौके पर राज्य के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी उपस्थित रहेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के साथ ही मुंबई की राजनीति को लेकर एक “अच्छी खबर” भी सामने आएगी, जिससे सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है।
बीजेपी ने साफ किया है कि पार्टी का उद्देश्य किसी भी राजनीतिक दल को कमतर दिखाना नहीं, बल्कि मुंबईकरों के विकास के लिए एकजुट होकर काम करना है। इसी क्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को खुला न्योता देते हुए कहा गया है कि यदि मनसे बीजेपी के साथ आना चाहती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा।

इतना ही नहीं, शरद पवार गुट के नगरसेवक राव राणे के बीजेपी के साथ आने की संभावनाओं पर भी पार्टी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि अगर वह महायुति के साथ आते हैं, तो पार्टी को इसमें खुशी होगी।
महापौर पद को लेकर भी बीजेपी ने बड़ा दावा किया है। पार्टी का कहना है कि मुंबई का अगला महापौर महायुति से ही होगा। भले ही नगरसेवकों की संख्या को लेकर अलग-अलग समीकरण हों, लेकिन बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि महापौर पद पर अपनी राजनीतिक इच्छा पहले ही जाहिर कर दी गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बीजेपी नेता गणेश कंकर ने ठाकरे बंधुओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सिर्फ ‘मराठी बनाम मराठी’ की राजनीति करने के बजाय विकास के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। कंकर के इस बयान को आने वाले चुनावों में बीजेपी की विकास-केंद्रित रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुंबई महानगरपालिका चुनावों से पहले बीजेपी के इन कदमों ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में गठबंधन की तस्वीर कैसी बनती है और क्या महापौर की कुर्सी वाकई महायुति के खाते में जाती है।