Home देशमहाबोधि महाविहार मुक्ति के लिए 12 फरवरी से जंतर-मंतर पर देश-विदेश के बौद्धों का आंदोलन, BTMC एक्ट रद्द करने की मांग

महाबोधि महाविहार मुक्ति के लिए 12 फरवरी से जंतर-मंतर पर देश-विदेश के बौद्धों का आंदोलन, BTMC एक्ट रद्द करने की मांग

by Real Khabren
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नई दिल्ली:
बोधगया स्थित विश्वविख्यात महाबोधि महाविहार को हिंदू नियंत्रण से मुक्त कर उसका संपूर्ण प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपने की मांग को लेकर देश-विदेश से आए बौद्ध भिक्षु, सामाजिक नेता और अनुयायी 12 फरवरी से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन और भूख हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। यह जानकारी भंते विनाचार्य, भिक्षु सुगत थेरो, भिक्षु संघरत्न और भिक्षु रोहित ने एक पत्रकार परिषद में दी।
बौद्ध संगठनों का कहना है कि महाबोधि महाविहार वह पवित्र स्थल है, जहां भगवान गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। इस स्थल को वर्ष 2002 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित किया गया, इसके बावजूद इसका प्रबंधन बिहार टेंपल मैनेजमेंट कंट्रोल एक्ट, 1949 के तहत किया जा रहा है, जो संविधान से पूर्व का कानून है और वर्तमान संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।

बौद्ध समुदाय ने आरोप लगाया कि BTMC एक्ट के तहत गठित प्रबंधन समिति में हिंदू सदस्यों का बहुमत है और गया के जिलाधिकारी को पदेन अध्यक्ष बनाया गया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों का उल्लंघन है। बौद्ध संगठनों ने ‘डॉक्ट्रिन ऑफ इक्लिप्स’ का हवाला देते हुए कहा कि संविधान से असंगत पूर्व-संवैधानिक कानूनों को निष्क्रिय माना जाना चाहिए।
बौद्ध नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि BTMC एक्ट को तत्काल निरस्त कर बौद्ध बहुल स्वतंत्र प्रबंधन बोर्ड का गठन किया जाए और महाबोधि महाविहार का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण बौद्ध समुदाय को सौंपा जाए। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को देशव्यापी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और तेज किया जाएगा।

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