ठाणे: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने 27 जनवरी की घटनाओं को लेकर हो रही राजनीतिक बयानबाज़ी पर कड़ा ऐतराज़ जताया है। उन्होंने साफ कहा कि परिवार केवल खून के रिश्तों से नहीं बनता, बल्कि जो लोग 2 जुलाई 2023 को अलग राजनीतिक भूमिका लेते हुए अजित पवार के साथ आए, वे भी उनका परिवार थे।
ठाणे में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परांजपे ने कहा कि अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद जिस तरह के आरोप और बयान सामने आ रहे हैं, वह महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में राजनीतिक रंग देने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
परांजपे ने आरोप लगाया कि अंत्येष्टि से पहले ही विलय और राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा शुरू कर दी गई, जो अनुचित था। उन्होंने दोहराया कि पार्टी की ओर से प्रदेशाध्यक्ष सांसद सुनील तटकरे ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 27 और 28 जनवरी के घटनाक्रम को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, उनकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। परांजपे ने यह भी कहा कि अगर किसी प्रकार की लापरवाही, तकनीकी खामी या साजिश की आशंका है, तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। “षड्यंत्र था या दुर्घटना, यह जांच से स्पष्ट होना चाहिए,” उन्होंने कहा।
रोहित पवार द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए परांजपे ने कहा कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल करें विमान की तकनीकी स्थिति, इंजन मेंटेनेंस, पायलट की नियुक्ति और उड़ान की अनुमति सहित हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति न की जाए। “अजित दादा को हमने खोया है, यह केवल एक परिवार का नहीं बल्कि पूरे महाराष्ट्र का नुकसान है। जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है,” परांजपे ने कहा।

साथ ही उन्होंने बताया कि सुनेत्रा पवार विधिमंडल में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह पूरे मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग पर कायम है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर रहकर सच्चाई सामने लाने की पक्षधर है।