
उत्तर प्रदेश के मऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बड़ा बयान देते हुए साल 2005 के दंगों और उस समय के माहौल को याद किया। उन्होंने कहा कि “मऊ जनपद के लोग भूले नहीं होंगे कि 2005 में मऊ को जलाने का कुत्सित प्रयास हुआ था।”
सीएम योगी ने कहा कि उस समय सत्ता के संरक्षण में माफिया और अराजक तत्व धार्मिक आयोजनों में बाधा डालते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रामलीला, रामनवमी, जन्माष्टमी और शिवरात्रि जैसे आयोजनों को प्रभावित किया जाता था और निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, व्यापारी सूर्यास्त से पहले दुकानें बंद करने को मजबूर थे और लोगों में हर समय डर का माहौल बना रहता था।
उन्होंने कहा कि दंगा, कर्फ्यू और अराजकता के माहौल ने युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। सीएम योगी ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत कर प्रदेश में सुरक्षा और विकास का माहौल बनाया है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया है, जबकि भाजपा समर्थक इसे कानून व्यवस्था पर सरकार की सख्त नीति से जोड़कर देख रहे हैं।