पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई ‘युवा साथी’ योजना राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गई है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने योजना के 48 घंटों में 13 लाख रजिस्ट्रेशन को बेरोजगारी का प्रमाण बताते हुए सरकार पर बड़ा हमला बोला।
मालवीय ने कहा कि टीएमसी के 2 करोड़ नौकरियों के दावे के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का भत्ता योजना में पंजीकरण सरकार की विफलता का संकेत है। उन्होंने इसे 2013 की ‘युवाश्री’ योजना का ही री-सायकल वर्जन बताया और आरोप लगाया कि पुरानी योजनाओं का नाम बदलने से नौकरियां नहीं बनतीं।

बीजेपी ने यह भी कहा कि युवा सिर्फ भत्ते से खुश नहीं होते, वे अच्छी शिक्षा, वास्तविक रोजगार और सम्मान के साथ जीवन चाहते हैं। चुनाव से पहले यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच तीव्र सियासी घमासान का रूप ले चुका है।