आजमगढ़ के अहरौला विकास खंड स्थित जनता इंटर कॉलेज मैदान में महाराजा सुहेलदेव जयंती समारोह के अवसर पर आयोजित सामाजिक समरसता रैली में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। रैली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने चुनावी शंखनाद का दावा करते हुए कहा कि इस बार एनडीए के समर्थन से सुभासपा आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटें जीतकर दिखाएगी।
ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि 2027 के चुनाव में सपा फिर से वर्ष 2017 जैसी स्थिति में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ की धरती से एनडीए गठबंधन की सुभासपा ने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी है और रैली में उमड़ा जनसमूह इस बात का संकेत है कि सभी वर्गों में राजनीतिक जागरूकता बढ़ रही है।

राजभर ने आरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अब तक पिछड़े वर्ग के आरक्षण का लाभ कुछ चुनिंदा जातियों को ही मिला है, जबकि अन्य पिछड़ी जातियां वंचित रह गईं। उन्होंने दावा किया कि रोहिणी आयोग की सिफारिशों के आधार पर पिछड़े वर्ग के आरक्षण को सात, नौ और ग्यारह वर्गों में विभाजित कर लागू करने की तैयारी है, जिससे सभी को समान अवसर मिल सके।
रैली में बड़ी संख्या में ब्राह्मण और अन्य प्रबुद्ध वर्ग की भागीदारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और व्यापक समर्थन का संकेत बताया। राजभर ने कहा कि आजमगढ़ में सपा को हराने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है और सुभासपा अब मजबूत स्थिति में चुनाव मैदान में उतर रही है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश में एनडीए गठबंधन ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और वर्ष 2027 में एक बार फिर गठबंधन की सरकार बनेगी।
आजमगढ़ की इस रैली को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।