मुंबई : मुंबई महानगरपालिका में भारतीय जनता पार्टी और शिंदे गुट की सत्ता वाली महायुति पर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महानगरपालिका में कांग्रेस के गुटनेता अशरफ आज़मी ने कहा है कि मुंबईकरों की मूलभूत समस्याओं को नजरअंदाज कर महायुति विकास कार्यों की बजाय नामकरण की राजनीति में ज्यादा रुचि ले रही है।
अशरफ आज़मी के मुताबिक, महानगरपालिका की पहली बैठक में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य स्थानों के नाम बदलने से जुड़े थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुंबई प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पेयजल संकट और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, तब प्राथमिकता नाम बदलने को क्यों दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारण मुंबईकरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। वहीं शहर में ट्रैफिक जाम आम बात हो गई है। मेट्रो परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं और सड़कों पर गड्ढों की भरमार है, जिससे वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।

आज़मी ने यह भी कहा कि फुटपाथों पर अतिक्रमण, झोपड़पट्टियों के हालात, पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और शिक्षा जैसे मुद्दे तत्काल ध्यान की मांग करते हैं। लेकिन महायुति की पहली कार्यवाही से ऐसा नहीं लगता कि इन विषयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मुंबईकरों के हितों के लिए आवाज उठाती रहेगी और महानगरपालिका में महायुति से जवाब मांगती रहेगी। उनका कहना है कि मुंबई को नामकरण नहीं, बल्कि ठोस विकास और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है।